सिंहस्थ ऐसा पर्व है, जो राशियों के एक-दूसरे में प्रवेश और कालगणना चक्र के आधार पर मनाया जाता है। इसी गणना के आधार पर 2028 के बाद 2040 में दो बार सिंहस्थ का आयोजन होगा। 84 साल बाद सांतवें सिंहस्थ में ऐसी स्थिति बनती है, जब इसका आयोजन दो बार होता है। इसे लुप्ताब्ध वर्ष कहते हैं।
ज्योतिष शास्त्रों में लिखा गया हैज्योतिष शास्त्रों में लिखा गया है बृहस्पति (गुरु) सुमारे 85
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Saturday, 21 May 2016
झुलसा उज्जैन : नहान करने आए 20 श्रद्धालुओं की लू से मौत
पांच दिन से आसमान से आग बरस रही है। इसके कारण सिंहस्थ स्नान करने आए श्रद्धालु बेहाल
हैं। इसी बीच गुरुवार रात से शुक्रवार शाम तक लू लगने के कारण 20 लोगों की मौत हो गई। इसके बाद प्रशासन में हड़कंप है। 24 घंटे में जिला अस्पताल व अस्थायी अस्पतालों में 241 लोग भर्ती हुए थे। गुरुवार को अधिकतम तापमान 45.5 डिग्री रहा, जो सीजन में सबसे अधिक है। शुक्रवार को अधिकतम 45 व न्यूनतम 28 डिग्री रहा।
Friday, 20 May 2016
आज से तीन दिन चालू रहेगी जिला अस्पताल की ओपीडी
simhastha मेले के अंतिम दिनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए जिला अस्पताल की ओपीडी(बाह्य रोगी विभाग) को शुक्रवार से तीन दिन तक 24 घंटे चालू रखा जाएगा। इससे मरीजों को पूरे समय उपचार की सुविधा ओपीडी में मिल सकेगी। वैसे ओपीडी का समय सुबह 8 से दोपहर 1 बजे व शाम को 5 से 6 बजे तक है। इस अवधि को 22 मई तक बढ़ाया गया है।मुख्य बिल्डिंग में दोपहर 1 से शाम 5 बजे तक व शाम 6 से दूसरे दिन सुबह 8 बजे तक इमरजेंसी भी चालू रहेगी। सिविल सर्जन डॉ.डीपीएस गहरवार ने
Wednesday, 18 May 2016
मठ की जमीन के लिए शिप्रा तट पर सत्याग्रह करेंगे सुप्रीम कोर्ट बाबा
शासकीय तिलभांडेश्वर महादेव मंदिर देवस्थान मठ तराना उज्जैन की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए महंत डॉ.प्रकाशानंद भारती नागाबाबा उर्फ सुप्रीमकोर्ट बाबा अब सिंहस्थ मेले में शिप्रातट पर दत्त अखाड़े के पास लगे तंबू के बाहर सत्याग्रह करेंगे। जमीन को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए सुप्रीमकोर्ट तक आदेश पारित कर चुकी है। इसके बावजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। इससे नाराज बाबा ने मंगलवार को आंदोलन की चेतावनी दी।सुप्रीमकोर्ट बाबा के मुताबिक 18 मार्च 2016 को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव धार्मिक न्यास
अब चारों कुंभ नगर में बसेगा किन्नर अखाड़ा, महामंडलेश्वर ने की घोषणा
किन्नरों के दिल में उनके अखाड़े को मान्यता नहीं देने और साधु जमात से अलग रखने की टीस ऐसी लगी है कि वे अब चारों कुंभ नगरों में अपना वजूद स्थापित करने की जिद पर आ गए हैं। उज्जैन सिंहस्थ में मिली लोकप्रियता ने उन्हें इसके लिए ताकत दी है। उज्जैन में आश्रम बनाने के बाद अब हरिद्वार, इलाहाबाद और नासिक में भी अखाड़ा स्थापित करने के अभियान में जुट गए हैं। अखाड़ा चारों कुंभ नगरी में अपना आश्रम बनाकर साधु-संतों के अखाड़ों को चुनौती देने पर आमादा है जिन्होंने उन्हें मान्यता देने से इंकार कर दिया है।स्वरूपानंद के लोग मुझे जान से मारना चाहते हैं : वासुदेवानंद
ज्योतिष शंकराचार्य पीठ की चल रही लड़ाई को लेकर मंगलवार को वासुदेवानंद ने कहा कि स्वरूपानंद सरस्वती के लोग पिस्टल लेकर घूम रहे हैं। वे मुझे मारना चाहते हैं। लेकिन मैं भी डरकर बैठने वालों में से नहीं हूं। आश्रम से लेकर सिंहस्थ तक खुलेआम घूम रहा हूं। असली-नकली की बात ही नहीं, पीठ पर मैं बैठा हूं तो शंकराचार्य भी मैं ही हूं। उसके साथ कुछ फ्राड लोग इकट्ठा हैं, जो मेरे खिलाफ षडयंत्र करते रहते हैं।हरिफाटक स्थित सिंहस्थ कैंप में पत्रकारों से चर्चा करते हुए शंकराचार्य वासुदेवानंद ने पीठ की परंपरा
Tuesday, 17 May 2016
राम मंदिर संत बनाएंगे, सरकार का काम नहीं : शंकराचार्य स्वरूपानंद
शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का कहना है कि अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण धर्माचार्य ही कर सकते हैं। राजनीतिक दल, सरकार या किसी संगठन के दायरे में ये काम नहीं आता। उनका लक्ष्य सत्ता है।उन्होंने अपने इस बयान पर तर्क दिए कि राजनीतिक दल (भाजपा) के पास अधिकार नहीं है, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ सामाजिक संगठन है और सरकार के पदों पर बैठने वाले धर्मनिरपेक्षता की शपथ लेते हैं। वे इसलिए भी मंदिर नहीं बना पाएंगे क्यों कि उनका लक्ष्य सत्ता है, मंदिर नहीं। इसलिए मंदिर बनाने का काम केवल धर्माचार्य ही कर सकते हैं।
Monday, 16 May 2016
"केवल दो बच्चे पैदा करने वाला हिंदू धर्म का शत्रु "
कुंभ नगरी उज्जैन में रविवार रात साधु-संतों की चौथी हिंदू संसद हुईं, जिसमें समान नागरिक आचार संहिता
और जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने की मांग दोहराई गई। कहा गया कि केवल दो बच्चे पैदा करने वाला हिंदू धर्म का शत्रु है और पांच से कम बच्चे पैदा करने वाला हिंदू धर्म द्रोही। भूखीमाता क्षेत्र में दूधेश्वर अन्न्पूर्णा कैंप में हुई इस हिंदू संसद का आयोजन हिंदू स्वाभिमान सांस्कृतिक गौरव संस्थान और सनातन हिंदू वाहिनी की ओर से किया गया था। अध्यक्षता
और जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने की मांग दोहराई गई। कहा गया कि केवल दो बच्चे पैदा करने वाला हिंदू धर्म का शत्रु है और पांच से कम बच्चे पैदा करने वाला हिंदू धर्म द्रोही। भूखीमाता क्षेत्र में दूधेश्वर अन्न्पूर्णा कैंप में हुई इस हिंदू संसद का आयोजन हिंदू स्वाभिमान सांस्कृतिक गौरव संस्थान और सनातन हिंदू वाहिनी की ओर से किया गया था। अध्यक्षता
सिंहस्थ : पर्व स्नान पर आए 30 लाख श्रद्धालु, यात्रियों की संख्या 5 करोड़ पार
सिंहस्थ के चौथे पर्व स्नान पर रविवार को करीब 30 लाख श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। शिप्रा के घाटों से लेकर शहर में जहां भी नजर गई, वहां श्रद्धालु ही नजर आ रहे थे। हालत यह रही कि आधे से ज्यादा मेला क्षेत्र और ज्यादातर सड़कें नो व्हीकल जोन करनी पड़ीं।सिंहस्थ के अब तक हुए स्नान पर्वों में सबसे ज्यादा भीड़ रविवार को उमड़ी। शनिवार और रविवार को 8 किमी लंबे घाटों पर अंधिकांश समय भीड़ कम नहीं हुई। इस दौरान करीब 30 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने शिप्रा में स्नान किया। इंदौर की तरफ से लगभग 1 लाख से ज्यादा वाहन उज्जैन पहुंचे, जिससे इंदौर-उज्जैन रोड सहित मेला क्षेत्र में कई बार जाम की स्थित बनी। इसके पहले हुए
Friday, 13 May 2016
प्रधानमंत्री को खून से लिखे गए 4 पेज, साध्वी की रिहाई की मांग
जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय मंत्री स्वामी नारायण गिरि महाराज ने गुरुवार दोपहर 12 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने खून से चार पेज का पत्र लिखकरदेश में सख्त जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाकर उसे लागू करने व साध्वी प्रज्ञा की रिहाई की मांग की।यह पत्र प्रधानमंत्री कार्यालय में डाक से भेजा जाएगा।
Simhastha news ujjain
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Wednesday, 11 May 2016
जोगन बन सिंहस्थ में घूम रहीं अभिनेत्री मनीषा कोइराला, बोलीं- वक्त आने पर लूंगी संन्यास
भगवा वस्त्र। ललाट पर चंदन का तिलक। गले में रुद्राक्ष की माला। सिंहस्थ में ऐसा जोगी रूप फिल्म अभिनेत्री मनीषा कोइराला का दिखाई दे रहा है। यह रूप उन्होंने किसी फिल्म की शूटिंग के लिए नहीं, बल्कि आत्मशांति और परमात्मा की प्राप्ति के लिए धरा है। सौदागर, 1942 ए लव स्टोरी, मन, लज्जा सहित दर्जनों हिट फिल्म देने वाली मनीषा ने कहा- सिंहस्थ में पुण्य कमाने आईं हूं। वक्त आने पर संन्यास लूंगी।कैंसर से जंग जीतने के बाद वापस फिल्मों में लौटीं मनीषा बड़नगर रोड पर पायलट बाबा के कैंप में रहकर वह शिप्रा स्नान से लेकर जप-तप और योग कर रही हैं। देसी-विदेशी साध्वियों के झुंड में बैठीं मनीषा को देख हर कोई उन्हें विदेश से आई साध्वी समझ रहा है। मंगलवार को भास्कर से चर्चा में मनीषा ने कहा ग्लैमर की दुनिया से हटकर वे कुछ दिन धर्म और आध्यात्म से जुड़कर
Tuesday, 10 May 2016
आंधी-बारिश से 16 घायल, घाट पर चेंजिंग रूम सहित उड़ी महिला गंभीर
शाही स्नान के दौरान दोपहर बाद अचानक मौसम बदला। रुक-रुककर तीन घंटे तक तेज हवा चली और बारिश हुई। आंधी चलने से मेला क्षेत्र के पंडाल और गेट उड़ गए। इससे 16 लोग घायल हुए हैं। इनमें से एक को इंदौर रैफर किया है।सुनीता पति जयपाल निवासी बमोरी रामनगर इंदौर सोमवार को भूखी माता क्षेत्र में स्नान के बाद चेंजिंग
Friday, 6 May 2016
सिंहस्थ: आपदा आते ही चर्चा में चांडाल योग
महाकुंभ में गुरुवार शाम आई प्राकृतिक आपदा के बाद चांडाल योग चर्चा में आ गया। सोशल मीडिया पर चांडाल योग ट्रेंड होने लगा। मेला क्षेत्र में भी लोगों में इस अनिष्टकारी योग को लेकर खासी चर्चाएं रहीं।ज्योतिषाचार्य दावा करते हैं कि ग्रह गोचर में गुरु-राहु का चांडाल योग तथा मंगल-शनि के युति संबंध के साथ गुरुवार दोपहर 1.37 बजे के बाद सूर्य, बुध, शुक्र तथा चंद्र इन चारों ग्रहों का मेष राशि में होकर एक-दूसरे पर नवम पंचम व्रक दृष्टि डालना प्राकृतिक आपदा का कारण बना।
Tuesday, 3 May 2016
अमृत स्नान में बढ़ेगी नागा संतों की संख्या
9 मई को होने वाले दूसरे अमृत स्नान में नागा संतों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। दरअसल हरिद्वार में अर्धकुंभ के समापन के बाद साधुओं ने उज्जैन का रुख किया है। साधुओं की बढ़ती संख्या को देख प्रशासन भी इंतजाम में लग गया है। जानकारी के मुताबिक पहले अमृत स्नान के समय संतों की संख्या कम थी। पंचकोशी यात्रा प्रारंभ होने के साथ श्रद्धालुओं के साथ नागा साधु-संत की संख्या में भी इजाफा हुआ है। Saturday, 30 April 2016
Event's of the day.
प्रवीण आर्य जयपुर का पखावज वादन
स्थान – भारत माता समन्वय शिविर, मुल्लापुरा
समय – शाम 7 बजे
शास्त्रीय नृत्य, भक्ति संगीत, लोकनृत्य
स्थान – भरतमुनि मंच गायत्री मंदिर के पास, मंगलनाथ
समय – शाम 7.30 बजे
नाग मंडल की प्रस्तुति
स्थान – कालिदास मंच, मंगलनाथ क्षेत्र, आगर रोड
समय – शाम 7.30 बजे
लोक एवं आदिवासी चित्र
स्थान – विक्रमादित्य मंच, गढ़कालिका, भेरुगढ़ क्षेत्र
समय – शाम 7.30 बजे
खाकी अखाड़े की पेशवाई
स्थान – खेड़ापति हनुमान मंदिर, कोयला फाटक
समय – शाम 4 बजे
कलपतरू दर्शन
स्थान – नित्यानंद पीठ्म, सदावल मार्ग
समय – सुबह 9 बजे

रासलीला
स्थान – पहाड़ी बाबा नगर, खाक चौक चौराहा, मंगलनाथ क्षेत्र
समय – रात 8 बजे
रासलीला
स्थान – हरिसेवा धाम, उदासीन आश्रम, दत्त अखाड़ा क्षेत्र
समय – रात 8 बजे
नंदूजी के द्वारा श्याम संकीर्तन
स्थान – श्री श्याम परिवार महासंघ, मुल्लापुरा चौराहा
समय – शाम 7.30 बजे
Friday, 29 April 2016
अयोध्या में मंदिर तो राम ही बनाएंगे नेता तो एक मकान भी नहीं बना पाते
सिंहस्थ मेले में आए महामंडलेश्वर स्वामी प्रज्ञानंदजी महाराज अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर आश्वस्त हैं। उन्होंने कहा- मंदिर तो बन चुका है, बस उसे आकार देना है। यह काम भगवान राम ही करेंगे, जब उनकी इच्छा होगी मंदिर बन जाएगा। स्वामीजी ने नेताओं का नाम लिए बगैर कहा- ये तो एक मकान भी नहीं बना पाते हैं।
संतश्री ने आगे कहा- जिस तरह भगवत गीता ने आजादी दिलाई और उसके निमित्त बने गांधीजी, उसी तरह मंदिर निर्माण को लेकर सरकार को स्वयं राम प्रेरणा देंगे। कोई भी काम होने से पहले अंतरिक्ष में उसकी रूपरेखा तैयार हो जाती है। राम मंदिर निर्माण की भी तैयारी हो चुकी है। महाराजश्री हिंदी विषय में पीएचडी हैं। वे सागर महाविद्यालय में प्रोफेसर भी रहे। विवाह नहीं किया और सीधे संन्यास ले लिया। स्वामीजी के शिविर में कैलिफोर्निया से सुधा तोमर भी आईं हैं।
प्रत्येक समस्या का हल है यज्ञ
संतश्री ने कहा संसार की प्रत्येक समस्या का हल यज्ञ है। फिर चाहे वह प्रदूषण की समस्या हो या वैचारिक मतभेद की। वे अभी तक 22 राजसूर्य यज्ञ करा चुके हैं। इसमें 18 कटंगी, 2 मुलताई, 1 बैतूल और 1 रांची में करा चुके हैं। उज्जैन में भी यज्ञ कर रहे हैं। यह शांति, सुख, समृद्धि और प्राणीमात्र के कल्याण की कामना से किया जा रहा है।
नेत्रदान करना भी यज्ञ
प्रज्ञानंद महाराज ने कहा- यज्ञ का अर्थ केवल हवन कुंड में आहुतियां देना ही नहीं है, बल्कि उसकी सही परिभाषा है- ह्रदय की वेदी पर प्राणों की समिधा द्वारा ज्ञान की अग्नि को प्रज्ज्वलित कर मन की चंचलता की आहुतियां दें, यह सबसे बड़ा यज्ञ है। इसके तीन आधार है- त्याग, सेवा और परोपकार। नेत्रदान करना भी यज्ञ है। प्रभु का नाम जपना भी यज्ञ है।
पिछले सिंहस्थ से अच्छी व्यवस्था
स्वामीजी ने बताया वे 1992 और 2004 के सिंहस्थ में भी आ चुके हैं। इस बार 100 गुना अच्छी व्यवस्था है। प्रदेश सरकार ने अमेरिका तक प्रचार किया लेकिन लोग कम आए। अब जिन्हें महाकाल ने बुलाया, वे आ गए, जिन्हें नहीं बुलाया वे नहीं आए। सरकार को नारा देना था- चलो बुलावा आया है, महाकाल ने बुलाया है।
धर्म परिवर्तन बड़ी समस्या
संतश्री ने कहा- हमारी नजर में धर्म परिवर्तन वर्तमान समय की सबसे बड़ी समस्या है। ईसाई मिशनरियां तेजी से धर्म परिवर्तन में लगी हैं। वे मेडिटेशन और एजुकेशन के बहाने हमारे गरीब और सीधे-सादे हिंदू बंधुओं को अपनी ओर आकर्षित कर लेते हैं। हम संतों को भी शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में आगे आना होगा। हमें गुरुकुल और अस्पतालों की स्थापना करनी होगी।
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Thursday, 28 April 2016
सिंहस्थ में सेवा का जज्बा महिलाओं ने छोड़ा किचन
सिंहस्थ का उत्साह चरम पर है। चहुंओर अध्यात्म और श्रद्धा का संगम दिख रहा है। कहीं कथा चल है तो कहीं कीर्तन। साधु-संत लोगों को जीने की राह बता रहे हैं तो कुछ लोग सेवा की इबारत भी लिख रहे हैं। महिलाएं चूल्हा-चौका छोड़कर पुलिस के कंधे से कंधा मिलाकर व्यवस्था बनाने में सेवा दे रही हैं। एक ही परिवार के सास-ससुर से लेकर पोता-पोती भी पुलिस लिखी जैकेट पहनकर देश-विदेश से आ रहे श्रद्धालुओं को राह दिखने का काम कर रहे हैं।ये लोग पुलिस विभाग से तनख्वाह पाने वाले नहीं बल्कि नगर सुरक्षा सेवा समिति के सदस्य हैं। सिंहस्थ में
उज्जैन में पकड़ाया चोर गिरोह, सर्चिंग में मिले लाखों रुपए
सिंहस्थ में बढ़ती चोरी की घटनाओं के बीच पुलिस ने गुरुवार लालपुल के नीचे एक चोर गिरोह को पकड़ा है। इनके पास से लाखों रुपए बरामद किए गए हैं। जानकारी के मुताबिक पुलिस ने साधु के भेषण में एक युवक को एक श्रद्धालु की पेंट चुराते हुए पकड़ा। युवक की निशानदेही पर लालपुर के नीचे डेरे की सर्चिंग की गई, जहां से लाखों रुपए बरामद किए गए। 200 लोगों का डेरा यूपी के बाराबंकी से आया है, डीआईजी राकेश गुप्ता के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। पूरे मेला क्षेत्र में चोर गिरोह के और भी सदस्यों के होने की आशंका है।More on: http://www.simhasthaujjain.co.in/
Tuesday, 26 April 2016
संतों की नाराजगी, बोले कथा को व्यवसाय बनाने वालों को दरकिनार करें
उज्जैन. वृंदावन ललितपुर (उप्र) के श्री पहाड़ी बाबा नगर खालसा एवं श्री लक्ष्मी नृसिंह खालसा के जगद् गुरु द्वाराचार्य मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्रदास देवाचार्यजी महाराज का कहना है कथा व चिकित्सा व्यावसाय बन गए हैं। ये समाज हित में नहीं है। इसमें बदलाव की जरूरत है। समाज ही ऐसे व्यवसायियों को दरकिनार कर सकता है। समाज में परख होना चाहिए कि उनके धन का सदुपयोग हो रहा या दुरुपयोग। बाल संतों को भी उन्होंने अपरिपक्व बताया। मंगलनाथ जोन स्थित पंडाल में प्रतिदिन श्रीमद् भागवत कथा सत्संग हो रहा है। साधु-संतों के साथ हजारों लोग भोजन प्राप्त कर रहे हैं। महाराज ने कहा हम कलियुग को कोसते हैं लेकिन स्वयं को सुधारने का प्रयास नहीं करते। कोई भी व्यक्ति अयोग्य नहीं है। योग्यता पहचानकर उसे काम दिया जाए तो परिणाम अच्छे
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