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Friday, 13 May 2016

बाउंसर्स के घेरे में तलवार लहराते निकली किन्नरों की 'सवारी'


आदि शंकराचार्य जयंती पर किन्नर अखाड़े ने बुधवार को गंधर्व घाट पर अमृत स्नान किया। इसे उन्होंने अपना दूसरा शाही स्नान माना। ढोल-ताशे पर नाचते-गाते किन्नर जुलूस के रूप में कैंप से निकले। बता दें कि किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी बिग बॉस -5 में सनी लियोनी के साथ शो कर चुकी हैं।


बाउंसर्स के घेरे में पहुंचे किन्नर...

-100 से ज्यादा किन्नर बग्घियों में और पैदल चल रहे थे। इनकी सुरक्षा बाउंसर ने संभाल रखी थी।-जुलूस की अगुआई अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर

Monday, 9 May 2016

'अक्षय तृतीया' पर दूसरा शाही स्नान जारी, श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा



सिंहस्थ का दूसरा अमृत स्नान पुण्य पर्व 'अक्षय तृतीया' पर सोमवार अल सुबह से शुरू हो गया। अखाड़ों के साधुओं व संतों का स्नान प्रात: 4 बजे से शुरू हो गया, दोपहर 12 बजे तक चलेगा। दोपहर 12.40 के बाद
रामघाट और दत्त अखाड़ा घाट पर आम श्रद्धालु स्नान कर सकेंगे। देर रात ही करीब 20 लाख श्रद्धालु उज्जैन पहुंचे चुके थे। स्नान के दौरान अखाड़ा परिषद अध्यक्ष नरेंद्र गिरी, प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह, कलेक्टर कवींद्र कियावत और मेला अधिकारी अविनाश लवानिया भी मौजूद रहे। स्नान के लिए रथों पर सवार होकर जाते संतों के दर्शन को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान पूर्व महापौर राधेश्याम उपाध्याय ने चार पीढ़ि‍यों के साथ संतों का स्वागत किया। शिप्रा में डुबकी के लिए एक दिन पहले ही लाखों श्रद्धालु उज्जैन पहुंच चुके थे। मोक्षदायिनी शिप्रा नदी के तट पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है। मौसम  विभाग ने तेज हवा और हल्की बारिश की आशंका जताई है। 18 घंटे अमृत सिद्धि योग ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार अक्षय तृतीया पर अमृत सिद्धि योग का विशेष संयोग बन रहा है। सुबह 6 से रात 12 बजे तक स्नान का विशेष मुहूर्त रहेगा।

सभी प्रवेश मार्गों पर चौकसी

दूसरे अमृत स्नान पर पुलिस चौकस हो गई है। सुरक्षा के लिहाज से सभी 6 प्रमुख रास्तों समेत अंदरूनी मार्गों पर चेकिंग की जा रही है। रविवार को शहर में प्रवेश करने वाली प्रत्येक गाड़ी की चेकिंग की गई। शहर में प्रवेश के 6 प्रमुख रास्ते हैं। इनमें इंदौर, रतलाम, देवास, आगर, मक्सी व उन्हेल रोड प्रमुख है। सबसे ज्यादा इंदौर रोड से टै्रफिक आ रहा है। पुलिस अफसरों का कहना है कि इंदौर रोड से अन्य रास्तों की तुलना में सर्वाधिक वाहन शहर में प्रवेश कर रहे हैं। इसलिए इस मार्ग पर ज्यादा चौकसी है।

अब इन तारीखों को स्नान
Snaan Dates

11 मई

शंकराचार्य जयंती पर्व स्नान

15 मई

वृषभ संक्रांति पर्व स्नान

17 मई

मोहिनी एकादशी पर्व स्नान

19 मई

प्रदोष पर्व स्नान

20 मई

नृसिंह जयंती पर्व स्नान

21 मई

पूर्णिमा अमृत स्नान

अगले एक-दो दिन बारिश की संभावना

मौसम केंद्र भोपाल के निदेशक डॉ.अनुपम काश्यपि ने उज्जैन में आने वाले एक-दो दिन में बारिश होने की संभावना जताई है। उनका कहना है कि गरज-चमक के साथ बारिश के अलावा तेज हवाएं चल सकती हैं। उज्जैन से सटे जिलों में भी बादलों की आवाजाही रह सकती है। तापमान बढ़ने के कारण बारिश की स्थिति बनी है।

Tuesday, 26 April 2016

अब दो दिन बाद नया ट्रैफिक प्लान

उज्जैन। सिंहस्थ के दौरान, खासकर अमृत स्नान के दिन ट्रैफिक प्लान कैसा हो, इसको लेकर पूरा प्रशासन सुधार की कवायद में जुट गया है। जनप्रतिनिधियों व मीडिया के सुझावों के आधार पर नया प्लान तैयार होगा। दो दिनों तक इसका अध्ययन होगा, जनप्रतिनिधियों को दिखाकर जरूरी संशोधन किए जाएंगे। इसके बाद प्लान सबको बताया जाएगा। दूसरे अमृत स्नान में यही प्लान लागू होगा।सिंहस्थ के पहले अमृत स्नान के दिन जो प्लान लागू किया था वह न केवल फेल हो गया, बल्कि इसके कारण सरकार की साख पर पूरे देश में असर पड़ रहा है। 3 हजार करोड़ स्र्पए तैयारियों पर खर्च करने के बाद भी शहर के आम लोगों की फजीहत हो गई। अब सरकार ट्रैफिक

Monday, 25 April 2016

सिंहस्थ कुंभ: नागा साधुओं में झड़प, 1 घायल

धार्मिक नगरी उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ कुंभ में मामूली विवाद में रविवार को दिगंबर अखाड़े के दो नागा साधु आमने-सामने आ गए. उनके बीच जमकर मारपीट हुई, जिसमें एक साधु को गंभीर चोटें आईं हैं. उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मामले की सूचना पुलिस को दे दी गई है.


शुक्रवार को हुआ पहला शाही स्नान

Saturday, 23 April 2016

उज्जैन के बाद भोपाल के लिए पार्सल की बुकिंग बंद

ग्वालियर | सिंहस्थ को देखते हुए रेलवे प्रशासन भोपाल के लिए किसी भी गाड़ी में पार्सल की बुकिंग नहीं करेगा। यह आदेश 22 मई तक लागू रहेगा। इस दौरान यात्री ट्रेन में उतना ही सामान अपने साथ भोपाल ले जा सकेंगे, जितना यात्रा के समय वह अपने पास रख सकते हैं। इससे पहले रेलवे प्रशासन ने उज्जैन के लिए पार्सल की बुकिंग 18 अप्रैल से 24 मई

सिंधी पंचायत ने किया समाज के कार्यकर्ताओं का सम्मान



उज्जैन |इंदिरानगर सिंधी पंचायत ने सिंधुधाम में सम्मान समारोह आयोजित किया। इसमें पंचायत अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र जेठवानी ने हेमनदास चेतनानी, गिरधारीलाल पंजवानी, नारायणदास कोटवानी, नानकराम रोहरा, शोभराज लेखनानी, सुरेश तेजवानी, महेश बालानी, जितेंद्र भाटिया, हरीश डबलानी, यदाराम जीवनानी, जगदीश बत्रा, जवाहर तारानी आदि का सम्मान किया। संचालन जीएल जेठवानी ने किया। आभार गिरधारीलाल पंजवानी ने माना।
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शाम 7 बजे किन्नरों ने गंधर्व घाट पर लगाई डुबकी

उज्जैन | शाही स्नान के दिन शुक्रवार शाम 7 बजे किन्नरों ने गंधर्व घाट पर डुबकी लगाई। स्नान के लिए शाम 4 बजे वे इंदौर-बड़नगर बायपास स्थित कैंप सेे शाेभायात्रा के साथ रवाना हुए। उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ स्नान व पूजन किया। सिंहस्थ में ऐसा पहली बार हुआ जब साधु-संतों के साथ किन्नरों ने भी शिप्रा में स्नान किया।

Friday, 22 April 2016

@Simhastha Ujjain: रामानंदी अखाड़े ने किया सिंहस्थ शाही स्नान का बहिष्कार

उज्जैन। रामानंदी और पंच निर्मोही अखाड़े में हुए विवाद के बाद रामानंदी अखाड़े ने शाही स्नान का बहिष्कार कर दिया। निर्मोही अखाड़े के श्रीमहंत परमात्मा दास जी ने अपने पंचों सहित स्नान का विरोध करने की घोषणा की और स्नान करने नहीं पहुंचे। उनका कहना है कि प्रशासन ने पक्षपातपूर्ण निर्णय लिया है। जिससे निर्मोही अणि अखाड़े की परंपरा टूटी गई है। रामानंदी निर्मोही श्री महंत मदनमोहन दास ने भी इसका समर्थन करते स्नान में शामिल नहीं हुए।
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@Simhasha Ujjain: 12 साल बाद मां से मिले संत, भक्त और 'भगवान'



जिस क्षण की प्रतीक्षा 12 वर्षों से की जा रही थी, वह आ गया है। महाकाल की पावन नगरी और पतित पावनी मां शिप्रा के आंचल में शाही स्नान के लिए हजारों साधु-संतों का हुजूम उमड़ पड़ा।मोक्षदायिनी शिप्रा में आध्यात्म का अनूठा संगम तड़के 4 बजे आरंभ हो गया था। हजारों नागा साधुओं और महामंडलेश्वरों ने आस्था की डुबकी लगाई। वहीं कई जगह अव्यवस्था भी देखने को मिली।
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Thursday, 21 April 2016

सिंहस्थ स्पेशल ट्रेनों की जानकारी-

रतलाम मंडल द्वारा सिंहस्थ के दौरान रतलाम, चित्तौड़गढ़, विक्रम नगर, इंदौर, गुना, भोपाल से उज्जैन, रतलाम तक तथा उज्जैन से वापस लौटाने के लिए चलाई जाने वाली सिंहस्थ स्पेशल ट्रेनें इस प्रकार है-
1.रतलाम व नागदा से उज्जैन-
रतलाम से उज्जैन सिंहस्थ ट्रेन
पहली मेला ट्रेन रात 00.45 बजे चलकर सुबह 4.40 बजे उज्जैन पहुंचेगी। इसके बाद सुबह 4 बजे चलेगी जो सुबह 7.05 बजे उज्जैन पहुंचाएगी। इसी प्रकार सुबह 7.50 बजे रतलाम से चलेगी जो 10.50 बजे उज्जैन पहुंचाएगी। इसके बाद 14.30 बजे चलेगी जो 18.05 बजे उज्जैन पहुंचाएगी। इसके बाद शाम को 17 बजे रतलाम से चलेगी जो उज्जैन स्टेशन पर रात 21.10 बजे पहुंचाएगी।
इसके अलावा यात्रियों को नागदा स्टेशन से उज्जैन के लिए रात 3.30 बजे, तड़के 4.05 बजे, 6.40 बजे, सुबह 7.05 बजे, 9 बजे, 11.25 बजे, 13.20 बजे, 18.10 बजे, 22.10 बजे, 22.30 व 22.50 बजे उज्जैन के लिए ट्रेन मिलेगी।
2.उज्जैन से रतलाम व नागदा-
मध्य रात्री 00.40 बजे उज्जैन से चलेगी व रतलाम स्टेशन पर 3.30 बजे आएगी। इसके बाद रात 2.15 बजे चलने वाली ट्रेन रतलाम स्टेशन पर सुबह 7.30 बजे, 11.20 बजे चलने वाली ट्रेन दोपहर 14 बजे, 13.45 बजे चलने वाली ट्रेन 16.50 बजे, रात 9 बजे चलने वाली ट्रेन मध्यरात्री 00.25 बजे रतलाम स्टेशन पर आएगी।
इसके अलावा उज्जैन से नागदा के लिए रात 1.25 बजे, 1.40 बजे, सुबह 5 बजे के अलावा सुबह 9 बजे, 11.10 बजे, 13.45 बजे, 15.30 बजे, 20.05 बजे, 21.30 बजे व 21.55 बजे ट्रेन मिलेगी।
3.विक्रमनगर-इंदौर-विक्रमनगर सिंहस्थ ट्रेन-
विक्रम नगर से इंदौर के लिए यात्रियों को रात 2.45 बजे, सुबह 9.40 बजे, दोपहर 13.40 बजे, शाम 16.35 बजे, रात 19.55 बजे ट्रेन मिलेगी। इसी प्रकार इंदौर से विक्रमनगर के लिए यात्रियों को इंदौर से ट्रेन रात 00.10 बजे, सुबह 6.20 बजे, सुबह 10.55 बजे, दोपहर 13.25 बजे व शाम को 16.55 बजे ट्रेन की सुविधा मिलेगी।
4.उज्जैन-गुना-उज्जैन सिंहस्थ ट्रेन-
गुना जाने के लिए यात्रियों को उज्जैन से रात 00.35 बजे, सुबह 8.30 बजे व शाम 18.35 बजे ट्रेन मिलेगी। इसी प्रकार गुना से उज्जैन आने के लिए यात्रियों को रात 01.55 बजे, सुबह 10.15 बजे, शाम 16.50 बजे ट्रेन की सुविधा मिलेगी।
5.भोपाल-उज्जैन-भोपाल सिंहस्थ ट्रेन-
भोपाल से उज्जैन के लिए रात 00.40 बजे, 02.45 बजे, सुबह 5 बजे, भोपाल से दोपहर 12.50 बजे, दोपहर 13.35 बजे, 15.40 बजे सिंहस्थ ट्रेन मिलेगी। इसी प्रकार बैरागढ़ से सुबह 9.50 बजे, शाम 7 बजे व रात 23.40 बजे ट्रेन की सुविधा मिलेगी। वापसी में उज्जैन से बैरागढ़ के लिए सुबह 4.50 बजे, दोपहर 14.35 बजे, 18.05 बजे ट्रेन मिलेगी। इसी प्रकार सिंहस्थ शहर उज्जैन से भोपाल के लिए रात 00.05 बजे, 04.50 बजे, 06.10 बजे, 07.55 बजे, 10.45 बजे, 14.35 बजे ट्रेन चलेगी।
6.रतलाम-चित्तौडग़ढ़-रतलाम सिंहस्थ  ट्रेन-
रतलाम से चित्तौडग़ढ़ के लिए प्रतिदिन दोपहर 14 बजे ट्रेन जाएगी। घोंसवास14.09 बजे, नामली 14.20, बड़ायलाचौरासी 14.32, जावरा 14.44, ढोढऱ 15.04, कचनारा 15.29, दलोदा 15.40, मंदसौर 15.54, पिपलियामंडी 16.12, मल्हारगढ़ 16.25, हरकियाखाल 16.29, नीमच 16.52, बिसलवास 17.06, जावद 17.24, निंबाहेड़ा 17.36 होते हुए 18.45 बजे चित्तौढग़ढ़ पहुंचेगी।
इसी प्रकार चित्तौड़गढ़ से रतलाम के लिए मेला ट्रेन शाम 19.15 बजे चलेगी। जावद स्टेशन पर 20.12 बजे, नीमच में 20.35 बजे, मल्हारगढ़ में 21.07 बजे, मंदसौर में 21.35 बजे, दलोदा में 22.01 बजे, कचनारा में 22.12 बजे, ढोढर में 22.26 बजे, जावरा में 22.44 बजे, नामली में 23.08 बजे, धोंसवास में 23.20 बजे होते हुए रतलाम स्टेशन पर ट्रेन 00.05 बजे आएगी।

रतलाम मंडल रेल सलाहकार समिति।
जानकारी तीर्थयात्रियों की सुविधा हेतु प्रसारित।
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                http://www.simhasthaujjain.co.in

Thursday, 25 February 2016

कुंभ की सफलता के लिए महाकाल मंदिर में यज्ञ

उज्जैन। सिंहस्थ की सफलता व लोक मंगल की कामना से महाकाल मंदिर में बुधवार से महारुद्र यज्ञ शुरू हुआ। सुबह संकल्प पूजन, हेमाद्री तथा पंचाग कर्म के बाद हवन कुंड में अग्नि स्थापना की गई। पश्चात ब्राह्मणों ने आहुतियां दी। 28 फरवरी तक चलने वाले अनुष्ठान में 2 लाख 19 हजार 131 आहुतियां दी जाएंगी। 3 मार्च को गणपति अथर्वशीर्ष पाठ तथा यज्ञ की पूर्णाहुति होगी। इससे पूर्व सुबह कोटितीर्थ कुंड से यज्ञ स्थल तक कलश यात्रा निकाली गई। पश्चात यज्ञाचार्य पं. घनश्याम शर्मा के आचार्यत्व में सिंहस्थ केंद्रीय समिति के अध्यक्ष माखनसिंह, प्रशासक आरपी तिवारी व अर्चना तिवारी, रुड़की के महंत यतिंद्रानंद गिरीजी महाराज आदि ने मंगल कलश स्थापना तथा पूजा-अर्चना कर यज्ञ का शुभारंभ किया। पं. आशीष पुजारी, पं. दिनेश पुजारी, पं. सत्यनारायण जोशी सहित अनेक पुजारी-पुरोहितों ने यज्ञ में आहुतियां दी। सहायक प्रशासक प्रीति चौहान ने बताया प्रतिदिन 66 पंडित यज्ञ में आहुति देंगे। Referred By - NaiDunia

Wednesday, 24 February 2016

उज्‍जैन के रामघाट पर जीवंत हुआ कृष्ण काल, तीजनबाई ने जमाया रंग

Simhastha Ujjain Kumbh Mela 2016
उज्जैन। देश के ख्यात कलाकारों के जरिए देशभर में सिंहस्थ का निमंत्रण पहुंचाने की अनूठी पहल के तीसरे चरण में मंगलवार शाम रामघाट पर कृष्णकाल जीवंत हो उठा। पद्मविभूषण तीजनबाई ने पंडवानी गायन में महाभारत की व्याख्या करते हुए पांडवों की कथा सुनाई। शिप्रा के सुरम्य तट पर तीजनबाई को सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोग जमा थे। शहर के अन्य स्थानों पर भी कलाकारों ने प्रस्तुति दी। प्रदेश शासन के संस्कृति विभाग द्वारा 23 से 25 फरवरी तक अनुगूंज-3 का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत शहर में पांच स्थानों पर भक्ति संगीत सभाएं और प्रतिभा खोज राज्योत्सव मनाया जा रहा है। मुख्य आयोजन रामघाट पर हुआ, यहां ख्यात लोकगायक तीजन बाई ने छत्तीसगढ़ी गायन शैली पंडावनी के द्वारा खूब रंग जमाया। शास्त्रीनगर खेल मैदान पर देवास के हिमांशु का शास्त्री गायन, डॉ.विवेक बंसोड़ द्वारा पाइप हारमोनियम, कल्याणसिंह जादौन द्वारा लोक नृत्य, रामचंद्र गांगुली द्वारा लोकगीत, नीला नलवड़े का शास्त्रीय गायन तथा अनिमेष भट्ट द्वारा सुगम संगीत की प्रस्तुति दी गई। दशहरा मैदान पर इंदौर की शिल्पा मसूरकर ने शास्त्रीय गायन, सृष्टी बंसोड़ ने सुगम संगीत, अनुज मैसी ने उपशास्त्री गायन, छत्रपाल बिसेन ने तबला वादन, घनश्याम ग्रुप के लोकगीत सहित अन्य कलाकारों ने प्रस्तुति दी। Referred By - NayeeDuniya

Tuesday, 23 February 2016

सिंहस्थ : परिवहन विभाग को न बजट मिला न अमला

सिंहस्थ उज्जैन 2016 के मद्देनजर परिवहन विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा है लेकिन अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है। 50 लाख रुपए का बजट विभाग ने तैयार किया है। जिसमें विभागीय कार्यों सहित सिंहस्थ में होने वाले व्यय शामिल हैं। अतिरिक्त अमले की भी मांग अफसरों ने की है मगर अब तक कोई जवाब नहीं मिला है।
सिंहस्थ में परिवहन विभाग के पास प्रमुख जिम्मेदारी वाहनों के सुचारू आवागमन की है। विभाग की ओर से सिंहस्थ के तहत पचास लाख रुपए का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है। इसके अलावा अफसरों ने अतिरिक्त अमला मांगा है। पिछले दिनों एडिशनल ट्रांसपोर्ट कमिश्नर उज्जैन आए थे। बैठक के दौरान उनके समक्ष अफसरों ने बजट संबंधी मुद्दा उठाया था। उन्होंने आश्वस्त किया था कि जल्द ही बजट प्राप्त होगा। अतिरिक्त अमला भी उपलब्ध करा दिया जाएगा मगर अब तक ऐसा नहीं हुआ। ई-रिक्शा के परमिट अब तक जारी नहीं सिंहस्थ संबंधी कार्यों में विभाग पिछड़ गया है। मेला क्षेत्र में 100 ई-रिक्शा चलाने की बात अफसरों ने कही है। ई-रिक्शा चालकों को परमिट अलॉट नहीं हुए हैं। बिना परमिट ही ई-रिक्शा को दौड़ाया जा रहा है। दूसरी ओर मेले के लिए मैजिक और सिटी बसों के लिए नए रूट बन चुके हैं। मगर अधिकारी किराया सूची तय नहीं कर पाए हैं। -सिंहस्थ के लिए बजट का प्रस्ताव तैयार कर भेज चुके हैं। उम्मीद है जल्द ही बजट और अतिरिक्त अमला प्राप्त हो जाएगा। Referred by : Nayi Duniya

Friday, 1 January 2016

महाकाल मंदिर : डिटेक्टर बंद, स्कैनर पर धूल और प्रतिबंध की धज्जियां

उज्जैन। सुरक्षा जांच के लिए मेटल डिटेक्टर लगे जरूर हैं, मगर किसी काम के नहीं। क्योँकि  ये महीनो से बंद हैं। परिसर में सामान बिना जांच के ही ले जाया जा रहा है, क्योँकि  बैग स्कैनर ठीक नहीं करा पा रहे। प्रतिबंध की धज्जियां उड़ाता कोई भी शख्स आपको यहां आसानी से नजर आ जाएगा। यह नजारा सुरक्षा की दृष्टि से अति संवेदनशील ज्यिोतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर का है। 

Thursday, 31 December 2015

Simhastha [Kumbh] Mahaparv Simhastha 2016 (उज्जैन का इतिहास )

Simhastha [Kumbh] Mahaparv Simhastha 2016 (उज्जैन का इतिहास )


उज्जैन भारत के मध्य प्रदेश राज्य का एक प्रमुख शहर है जो क्षिप्रा नदी के किनारे बसा है। यह एक अत्यन्त प्राचीन शहर है। यह विक्रमादित्य के राज्य की राजधानी थी। इसे कालिदास की नगरी के नाम से भी जाना जाता है। यहाँ हर 12  वर्ष पर सिंहस्थ कुंभ मेला लगता है। भगवान शिव के १२ ज्योतिर्लिंगों में एक महाकाल इस नगरी में स्थित है। उज्जैन मध्य प्रदेश के सबसे बड़े शहर इन्दौर से 55  कि॰मी॰ पर है। उज्जैन के प्राचिन नाम अवन्तिका, उज्जयनी, कनकश्रन्गा आदि है। उज्जैन मन्दिरो की नगरी है। यहा कई तीथ‍ स्थल है। इसकी जनसंख्या लगभग 5.25 लाख है।

Monday, 28 December 2015

सिंहस्थ में श्रद्धालुओं को मिलेगा देश के हर प्रांत का स्वाद

उज्जैन:

सिंहस्थ में श्रद्धालुओं को देश के हर प्रांत का स्वाद मिलेगा। देश की नामचीन संस्थाएं मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं को निशुल्क भोजन कराएंगी। संस्थाओं ने प्रमुख स्थानों पर जमीन आवंटन की मांग की है। आवेदन में लिखा है कि देश-विदेश से आने वाली जनता के लिए भोजन समेत अन्य सेवाकार्य के लिए उन्हें जमीन आवंटित की जाए। मेला प्रशासन संस्थाओं के बारे में जानकारी जुटा रहा है। विचार विमर्श के बाद संस्थाओं को जमीन उपलब्ध कराई जाएगी।

सिंहस्थ में मालवा के मशहूर दाल बाफले के साथ दक्षिण के इडली डोसा का स्वाद भी श्रद्धालु चख सकेंगे। गुजरात, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, उड़ीसा, दक्षिण भारत के बेंगलुरू, उत्तराखंड एवं जम्मू कश्मीर की संस्थाओं ने सेवाकार्य के लिए जमीन आवंटन की मांग की है।

ताड़केश्वर रामेश्वर चैरिटेबल ट्रस्ट (पाली राजस्थान) के कमल किशोर शर्मा ने बताया कि सिंहस्थ के दौरान ट्रस्ट की ओर से प्रमुख पर्व के दिन अलग-अलग व्यंजन श्रद्धालुओं को परोसा जाएगा। दिल्ली के मनोहर शााी भी भंडारा चलाएंगे। अमृतसर के कश्मीर सिंह भूरीवाले ने बताया कि अलग-अलग दिनों में व्यंजन की व्यवस्था भी बदलती रहेगी।

Saturday, 26 December 2015

धर्म ध्वजा लहराई, शुरू हुआ कुंभ मेला :

धर्म ध्वजा लहराई, शुरू हुआ कुंभ मेला :
सूर्य और बृहस्पति के सिंह राशि में प्रवेश के साथ ही मंगलवार को नासिक सिंहस्थ कुंभ का आगाज हो गया। भारतीय पंचांग के अनुसार जब सूर्य और बृहस्पति एक साथ सिंह राशि में प्रवेश करते है, तब पुरोहित संघ की ओर से धर्म ध्वजा फहराई जाती है और उसके साथ ही नासिक तथा त्र्यंबकेश्वर में सिंहस्थ कुंभ की शुरुआत होती है। मेले की औपचारिक शुरुआत धर्म ध्वजा फहराने से हुई। पहले दिन कुशावर्त और रामकुंड में हजारों श्रद्धालुओं ने पवित्र गोदावरी में डुबकी लगाई। इस पताका को बनाने में करीब दो लाख रुपये खर्च हुए हैं। कुशावर्त में 31 फुट ऊंची धर्म ध्वजा फहराई गई है। कल तक एक दूसरे के आयोजन में नहीं जाने की चेतावनी देने वाले महंतों ने सामूहिक रूप से इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान आकाश से हेलीकॉप्टर के जरिए पुष्पवर्षा की गई। नासिक के रामकुंड में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और त्र्यंबकेश्वर (कुशावर्त) में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह तथा महाराष्ट्र की महिला व बाल विकास मंत्री पंकजा मुंडे की उपस्थिति में साधु-संतों व अखाड़ों के महंतों ने मंत्रोच्चार के साथ ध्वजारोहण किया। पंच धातुओं के मिश्रण से तैयार की गई 50 किलोग्राम की धर्म ध्वजा में गुरु, सूर्य, चंद्र, गोदावरी व वाहन मगर, 10 दिशा, 12 राशि, ओम और स्वस्तिक के चिह्न बनाए गए हैं। इस बार मेले के दौरान तीन दिन, 29 अगस्त और 13 तथा 25 सितंबर को शाही स्नान होगा। इस अवसर पर नासिक में 80 लाख से एक करोड़ तथा त्र्यंबकेश्वर में 25-30 लाख श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद है।


reffered from: www.amarujala.com/

Friday, 25 December 2015

किन्‍नर अखाड़े को अब तक नहीं मिली जमीन

उज्जैन:

पहली बार शामिल 
होगें सिंहस्थ मैं किन्नर भी , और उनके लिए अलग से अखाड़े की जमीं भी दी जाएगी। लेकिन किन्‍नर अखाड़े को सिंहस्थ में कैंप लगाने के लिए अब तक जमीन आवंटित नहीं हुई है। अब अखाड़े के प्रतिनिधि प्रभारी मंत्री से मिलकर जमीन सहित अन्य सुविधाओं की मांग करेंगे।
अखाड़े के संरक्षक ऋषि अजयदास ने बताया कि किन्न्र अखाड़े का कैंप लगाने के लिए आवेदन देकर चिंतामण मेला क्षेत्र में 15 बीघा जमीन चाही है। मेला प्रशासन ने अब तक जमीन आवंटन संबंधी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई है। जमीन आवंटन के साथ अन्य अखाड़ों के समान मेला प्रशासन से सुविधा भी मांगी जाएगी।

सिंहस्थ में सात चरण पादुकाओं की सुरक्षा करेंगे 1700 नागा कमांडो

संतोष उपाध्याय, उज्जैन(मध्‍यप्रदेश)। सिंहस्थ में अपने गुरुओं की बेशकीमती चरण पादुकाओं की सुरक्षा के लिए सात संन्यासी अखाड़ो  के 1700 नागा कमांडो तैनात होगें । सात गुरुओं की सात चरण पादुकाएं और गुरु महाराज के मंदिर अखाड़ो  के भीतर मुख्य स्थान पर होगें। मंदिर के पास सोने-चांदी और रत्नजड़ित सिंहासन रखे होगें। इन्हीं पर चरण पादुकाएं रखी जाएंगी।

इनके दर्शन करने के लिए बाहरी व्यक्ति को त्रिस्तरीय सुरक्षा जांच से गुजरना होगा। इस बार सिंहस्थ में संन्यासी 
अखाड़ो  के पांच लाख नागा साधुओं के आने की संभावना है। दरअसल, तीन वैष्णव, तीन उदासीन और सात संन्यासी अखाड़ो  में से केवल संन्यासी अखाड़ो  में स्वयं की सुरक्षा व्यवस्था की परंपरा है। ये पुलिस प्रशासन के अलावा अपनी अलग सुरक्षा व्यवस्था भी करते हैं।

Saturday, 19 December 2015

चमत्कारिक भूतेश्वर नाथ शिवलिंग हर साल बढ़ती है इसकी लम्बाई

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के मरोड़ा गांव के घने जंगल में भूतेश्वर नाथ के नाम से विख्यात एक विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग स्थित है| यह ज़मीं से लगभग 18 फ़ीट ऊँचा और 20 फ़ीट गोलाकार है, और सबसे बड़ी आश्चर्यजनक बात यह है की] यह हर साल अपने आप बढ़ता जा रहा है। राजस्व विभाग द्वारा हरवर्ष इसकी लम्बाई जाँची जाती है जो लगातार 6 से 8 इंच बढ़ती जा रही है।