Simhastha Ujjain Kumbh Mela 2016
उज्जैन। देश के ख्यात कलाकारों के जरिए देशभर में सिंहस्थ का निमंत्रण पहुंचाने की अनूठी पहल के तीसरे चरण में मंगलवार शाम रामघाट पर कृष्णकाल जीवंत हो उठा। पद्मविभूषण तीजनबाई ने पंडवानी गायन में महाभारत की व्याख्या करते हुए पांडवों की कथा सुनाई।
शिप्रा के सुरम्य तट पर तीजनबाई को सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोग जमा थे। शहर के अन्य स्थानों पर भी कलाकारों ने प्रस्तुति दी। प्रदेश शासन के संस्कृति विभाग द्वारा 23 से 25 फरवरी तक अनुगूंज-3 का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत शहर में पांच स्थानों पर भक्ति संगीत सभाएं और प्रतिभा खोज राज्योत्सव मनाया जा रहा है।
मुख्य आयोजन रामघाट पर हुआ, यहां ख्यात लोकगायक तीजन बाई ने छत्तीसगढ़ी गायन शैली पंडावनी के द्वारा खूब रंग जमाया। शास्त्रीनगर खेल मैदान पर देवास के हिमांशु का शास्त्री गायन, डॉ.विवेक बंसोड़ द्वारा पाइप हारमोनियम, कल्याणसिंह जादौन द्वारा लोक नृत्य, रामचंद्र गांगुली द्वारा लोकगीत, नीला नलवड़े का शास्त्रीय गायन तथा अनिमेष भट्ट द्वारा सुगम संगीत की प्रस्तुति दी गई।
दशहरा मैदान पर इंदौर की शिल्पा मसूरकर ने शास्त्रीय गायन, सृष्टी बंसोड़ ने सुगम संगीत, अनुज मैसी ने उपशास्त्री गायन, छत्रपाल बिसेन ने तबला वादन, घनश्याम ग्रुप के लोकगीत सहित अन्य कलाकारों ने प्रस्तुति दी।
Referred By - NayeeDuniya